Ujjain क्यों कहलाती है Mahakal की नगरी? जानिए पूरा इतिहास
भारत भूमि को देवी-देवताओं, तीर्थों और आध्यात्म की जन्मस्थली माना जाता है। इस पवित्र भूमि पर कई ऐसे नगर हैं, जिनका इतिहास सदियों नहीं बल्कि युगों पुराना है। इन्हीं में …
भारत भूमि को देवी-देवताओं, तीर्थों और आध्यात्म की जन्मस्थली माना जाता है। इस पवित्र भूमि पर कई ऐसे नगर हैं, जिनका इतिहास सदियों नहीं बल्कि युगों पुराना है। इन्हीं में …
मध्य प्रदेश का पवित्र शहर उज्जैन (Ujjain), जिसे प्राचीन काल में अवंतिका के नाम से जाना जाता था, भारत के सबसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है। …
मध्य प्रदेश को भारत का ‘हृदय’ कहा जाता है और इसके इस हृदय में बसते हैं भगवान शिव के दो प्रमुख ज्योतिर्लिंग— उज्जैन में महाकालेश्वर और खंडवा जिले में ओंकारेश्वर। …
भारत के हृदय स्थल मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mahakaleshwar Jyotirlinga) भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है जो …
भारत की मोक्षदायिनी नगरी और मध्य प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी ‘उज्जैन’ (अवंतिका) में पग-पग पर देवों का वास है। भगवान श्री महाकालेश्वर के ज्योतिर्लिंग और महाकाल लोक के अद्भुत दर्शन …
मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित ‘उज्जैन’ (Ujjain) केवल महाकालेश्वर मंदिर के लिए ही नहीं, बल्कि कई प्राचीन सिद्ध और रहस्यमयी स्थानों के लिए भी विश्वभर में विख्यात है। …
भारत भूमि विविधताओं, सांस्कृतिक विरासतों और अनगिनत व्रत-त्योहारों का देश है। यहाँ हर त्योहार का संबंध केवल धर्म या पूजा-पाठ से नहीं होता, बल्कि उसका सीधा जुड़ाव वहां के मौसम, …
भारत की पावन, ऐतिहासिक और मोक्षदायिनी नगरी उज्जैन (अवंतिका) को अनादि काल से ही देवताओं का निवास स्थान और तंत्र-मंत्र की सर्वोच्च सिद्ध पीठ माना गया है। भगवान श्री महाकालेश्वर …
भारत की मोक्षदायिनी और सांस्कृतिक राजधानी ‘उज्जैन’ (प्राचीन अवंतिका नगरी) विश्व भर में भगवान श्री महाकालेश्वर के लिए विख्यात है। लेकिन उज्जैन का आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व केवल भगवान शिव …
भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और मोक्षदायिनी राजधानी उज्जैन (अवंतिका), केवल भगवान श्री महाकालेश्वर के लिए ही नहीं, बल्कि ‘शिव और शक्ति’ के अद्वितीय संतुलन के लिए भी विश्व विख्यात है। …